जेएसएस कोरबा में संविधान दिवस मनाया गया

कोरबा 27 नवंबर। कौशल विकास और उद्यमशीलता मंत्रालय भारत सरकार द्वारा प्रायोजित जन शिक्षण संस्थान कोरबा में मंत्रालय के निर्देशानुसार जेएसएस में संविधान दिवस मनाया गया कार्यक्रम के मुख्य अतिथि समाज सेवी अरुण चौबे ने हितग्राहियों को सम्बोधित करते हुए कहा की भारत में हर साल 26 नवंबर को राष्ट्रीय संविधान दिवस मनाया जाता है। इसी दिन संविधान सभा ने इसे अपनाया था। यही वजह है कि देश में हर साल 26 नवंबर को संविधान दिवस के रूप में मनाया जाता है। संवैधानिक सभा का गठन किया गया जिसमें विभिन्न क्षेत्रों के निर्वाचित प्रतिनिधि शामिल थे। महत्वपूर्ण सदस्य डॉ बीआर अम्बेडकर थे क्योंकि वे मसौदा समिति के अध्यक्ष थे।

जेएसएस के निदेशक ने सभी को संविधान दिवस की बधाई देते हुए कहा की संविधान के जनक डॉ भीमराव रामजी अम्बेडकर को याद और सम्मानित करने के लिए मनाया जाता है। भारत के संविधान के महत्व को समझाने के लिए प्रत्येक वर्ष 26 नवंबर के दिन मनाया जाता है। जिसमें लोगो को यह समझाया जाता है कि आखिर कैसे हमारा संविधान हमारे देश के तरक्की के लिए महत्वपूर्ण है तथा डॉ अंबेडकर को हमारे देश के संविधान निर्माण में किन-किन कठिन परिस्थितियों का सामना करना पड़ा।आजादी के पहले तक भारत में रियासतों के अपने अलग-अलग नियम कानून थे, जिन्हें देश के राजनितिक नियम, कानून और प्रक्रिया के अंतर्गत लाने की आवश्यकता थी। इसके अलावा हमारे देश को एक ऐसे संविधान की आवश्कता थी। जिसमें देश में रहने वाले लोगों के मूल अधिकार, कर्तव्यों को निर्धारित किया गया हो ताकि हमारा देश तेजी से तरक्की कर सके और नयी उचाइयों को प्राप्त कर सके। कार्यक्रम में हितग्राहियों ने भी भारत लोकतंत्र की जननी विषय पर भाषण प्रस्तुत किये कार्यक्रम पश्चात् सभी ने घंटाघर चौक स्थित डॉ अंबेडकर जी की प्रतिमा पर पुष्प अर्पित कर उनको नमन किये। इस अवसर पर सावित्री जेना, तृष्या मोहंती, लक्ष्मी चटर्जी, विजय लक्ष्मी महंत, सुनीता राठौर, ज्योति बरेठ,सतरूपा प्रजापति, वासुदेव, नरेंद्र, किशोर महंत, उमेश, संजय एवं अनीता चौहान और हितग्राही उपस्थित थे

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