गुरु अर्जन देव के बलिदान दिवस पर गुरुद्वारों में पाठ, जुटे अनुयायी

कोरबा 10 जून। सिख धर्म के पांचवें गुरु अर्जन देव को आज उनके बलिदान दिवस पर कोरबा नगर और उपनगरीय क्षेत्रों में श्रद्धा के साथ याद किया गया। गुरुद्वारों में गुरु ग्रंथ साहिब का पाठ हुआ। बड़ी संख्या में सिख धर्म के अनुयायी यहां जुटे।

सिख समाज के द्वारा सिख कैलेंडर के तीसरे महीने जेठ के 24वें दिन गुरु अर्जन देव का बलिदान दिवस मनाने की परंपरा है जिसका निर्वहन आज सोमवार को किया गया। गुरुनानक देव द्वारा प्रारंभ किये गए पंथ में गुरु अर्जन देव का पांचवां स्थान था। 1604 में हरमंदर साहिब स्वर्ण मंदिर अमृतसर के निर्माण की पहल के लिए उन्हें विशेष तौर पर जाना जाता है। गुरु अर्जन देव सिख धर्म के पहले शहीद थे। उन्होंने अपने संक्षिप्त जीवनकाल में कई विशेष कार्य किये और उसके माध्यम से बड़ी लकीर खींची। जिसके लिए वे अविस्मरणीय बने हुए हैं। उनके बलिदान दिवस पर कोरबा के ट्रांसपोर्ट नगर, इतवारी बाजार के साथ-साथ बालकोनगर, कुसमुंडा, बांकीमोंगरा, दीपका, पाली और कटघोरा के गुरुद्वारों में परंपरागत कार्यक्रम किये गए। यहां गुरुग्रंथ साहिब का पाठ किया गया और दोपहर को लंगर भी लगाया गया जिसमें काफी संख्या में लोगों ने प्रसाद ग्रहण किया। इससे एक पखवाड़े पहले से ही सिख समाज की ओर से विभिन्न क्षेत्रों में आम लोगों को शरबत और चना वितरण का काम भी शुरू किया गया।

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