
कोरबा 23 अपै्रल। अक्षय तृतीया और परशुराम जयंती का पर्व शहर में उल्लास से मनाया गया। सर्व ब्राह्मण समाज ने भगवान परशुराम की शोभायात्रा निकालकर अपने ईष्ट देव के प्रति आस्था प्रकट की। वहीं अक्षय तृतीया पर धार्मिक अनुष्ठान पूजन का उत्साह रहा हैं। अबूझ मुहुर्त होने की वजह से जिले भर में विवाह आयोजनों की भरमार रही है।
परशुराम जयंती व अक्षय तृतीया के संयुक्त तत्वावधान में जिले के विभन्ना स्थानों मे धार्मिक आयोजनों उत्साह रहा। इस अवसर शहर हुए आयोजन आकर्षण के केंद्र रहे। सीतमढ़ी के सप्तदेव मंदिर से टीपी नगर तक निकाली गई शोभायात्रा में ब्राह्मण समाज बढ़चढ़ कर भागीदारी निभाई। औद्योगिक जिला होने के लिहाज से देश भर के ब्राह्मण समुदाय के लोग यहां निवास करते हैं। सामाजिक एकता दर्शाते हुए ब्राह्मणों ने परशुराम की जय की जयघोष के साथ शोभायात्रा निकाली। यह यात्रा सीतामढ़ी से शुरू होकर पुराना बसस्टैंड, पावर हासउ रोड से होते हुए टीपी नगर में संपन्न हुआ।
शोभायात्रा के दौरान भगवान परशुराम की आदमकद प्रतिमा को वाहन में सुसज्जित किया गया था। लोगों ने शोभायात्रा में शामिल लोगों का जगह-जगह स्वागत किया। शाम के समय हुई वर्षा के बावजूद शोभायात्रा में शामिल लोगों का उत्साह बरकरार रहा है। अबूझ मुहुर्त होने से जिले भर में विवाह आयोजनों की भरमार रही। बैंडबाजा, बारातघर, बसें पहले से ही बुक की जा चुकी थी। विवाह में शामिल होने के लोगों ने उपहारों की जमकर खरीदारी की। अक्षय तृतीया के अवसर पर शहर के विभिन्न स्थानों भागवत कथा आयोजन की शुरूआत हुई है। इससे पहले सुबह के समय कलश यात्रा कई जगहों से निकाली गई।
शहर के अलावा उपनगरीय क्षेत्र बालको, कटघोर, पाली, छुरी, दीपका, बांकीमोगरा आदि स्थानों के मंदिरों में अक्षय तृतीया पर पूजा आराधना की गई। किसानों ने बोआई के लिए बीजहा धान की पूजा अक्षय तृतीया के खरीफ फसल की तैयारियों शुरू हो गई। किसानों में कोठी से बीजहा धान निकाल कर पूजा की। खेता डाले जाने वाले गोबर खाद की भी पूजा की। आगामी खरीफ में खेत धान से परिपूर्ण हो इस कामना के साथ अन्नापूर्णा देवी की पूजा की। अक्षय तृतीया के साथ ही खेतों वर्षा जल संरक्षण के लिए मेंड़ बंधान का काम शुरू हो गया।
