
मुख्य सचिव ने कहा है कि समर्थन मूल्य पर धान एवं मक्का खरीदी तथा राजीव गांधी किसान न्याय योजना के तहत रकबे के आधार पर किसानों को लाभ दिया जाता है। इसके लिए वास्तविक कृषक, उनके सही रकबे एवं उसमें लगाई गई फसल का सत्यापन होना अत्यंत आवश्यक है। राज्य के विभिन्न जिलों में ऐसे कई क्षेत्र हैं जहां धान के अतिरिक्त अन्य फसलों का वृहद् क्षेत्र में उत्पादन किया जाता है। अतः अभियान के रूप में त्रुटिरहित गिरदावरी किया जाना शासन की सर्वोच्च प्राथमिकता है। मुख्य सचिव ने पत्र में कहा है कि प्रदेश में खरीफ विपणन वर्ष 2020-21 में किसानों से समर्थन मूल्य पर धान एवं मक्का खरीदी के लिए तैयारियां प्रारंभ हो चुकी हैं और इसके लिए 17 अगस्त 2020 से किसान पंजीयन का कार्य प्रारंभ होगा। प्रदेश में राजीव गांधी किसान न्याय योजना के तहत खरीफ मौसम के लिए धान, मक्का, सोयाबीन, मूंगफली, तिल, अरहर, मुंग, उड़द, कुलथी, रामतिल, कोदो, कुटकी एवं रागी तथा रबी में गन्ना फसल को शामिल किया गया है। इन योजनाओं के प्रभारी क्रियान्वयन के लिए त्रुटिरहित गिरदावरी का कार्य अत्यंत आवश्यक है।
