
रायपुर 6 मई। मुख्यमंत्री भूपेश बघेल द्वारा 18+ कोविड वैक्सीनेशन में आरक्षण के विवादित आदेश और हाईकोर्ट में दाखिल याचिकाओं पर सुनवाई के बाद टीकाकरण के मुद्दे ने फिर नया मोड़ ले लिया है। बुधवार को राज्य सरकार ने आदेश जारी कर 18+ का टीकाकरण स्थगित कर दिया है। बुधवार को देर शाम इस आशय का आदेश जारी किया गया।
गत 1 मई से प्रारम्भ 18 प्लस के टीकाकरण में पहले अंत्योदय फिर बीपीएल और एपीएल श्रेणियों में टीका लगाया जाना था जो अब स्थगित हो गया है। हाईकोर्ट के आदेश का परिपालन और इसके पालन अनुसार टीके की पर्याप्त मात्रा में प्राप्ति का अभाव इसकी वजह है। स्वास्थ्य एवं परिवार कल्याण मंत्रालय के उप सचिव सुरेश सिंह बाघे ने आदेश जारी किया है।सरकार का कहना है कि राज्य में 18 से 44 वर्ष आयु के लगभग डेढ़ करोड़ लोग हैं और टीके डेढ़ लाख भी नही। नए टीके का ऑर्डर दोनो वैक्सीन निर्माता कंपनियों को दे दिया गया है लेकिन डिलीवरी में लेट होने के कारण फिलहाल 18 से 44 वर्ष के लोगो का टीकाकरण तत्काल आदेश से स्थगित किया जाता है।
इससे पहले बुधवार को अमित जोगी सहित अलग-अलग लोगों द्वारा जनहित याचिकाएं दायर की गई थी कि सरकार इस प्रकार से वैक्सीनेशन में रिजर्वेशन लागू नहीं कर सकती। यह समानता के अधिकार का हनन है। इस बहस पर हाई कोर्ट में कहा गया था कि अगर बीमारी किसी में भेदभाव नही करती तो सरकार ऐसा कैसे कर सकती है? शुक्रवार को अगली सुनवाई का वक्त देकर हाईकोर्ट ने कहा है कि तब तक सरकार नई नीति पर विचार करे। इधर सरकार ने जारी आदेश में कहा है कि वैक्सीन की भरपूर मात्रा ना होने की वजह से अगर सभी के लिए वैक्सीनेशन शुरू कर दिया गया तो स्थिति बिगड़ने का भय है। हो सकता है अगले कुछ दिनों में सरकार अलग- अलग वर्ग के लिए वैक्सीन अनुपात द्वारा विभाजित कर किसी नई नीति के तहत वैक्सीनेशन फिर से शुरू करे। इस संबन्ध में जारी आदेश इस प्रकार है-




