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R.O. No. 13952/23
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रायपुर/भिलाई। छत्तीसगढ़ की औद्योगिक पहचान भिलाई इस्पात संयंत्र को बेचने की चर्चा ने कर्मचारियों और आम लोगों के बीच सवाल खड़े कर दिए थे। अब इस्पात मंत्रालय ने इन खबरों पर स्पष्ट रुख अपनाते हुए प्लांट को बेचने की तैयारी संबंधी दावे को गलत और भ्रामक बताया है। मंत्रालय ने सोशल मीडिया पर जारी संदेश में कहा है कि कुछ समाचार पत्रों में इस संबंध में अटकलें लगाई जा रही हैं, लेकिन यह दावा गलत है।

मंत्रालय के आधिकारिक हैंडल से आया जवाब

इस्पात मंत्रालय ने अपने आधिकारिक सोशल मीडिया हैंडल पर अंग्रेजी और हिंदी में स्पष्टीकरण जारी किया। मंत्रालय के मुताबिक, भिलाई स्टील प्लांट को बेचने की सरकारी तैयारी संबंधी खबरें तथ्यात्मक रूप से गलत हैं। प्रेस सूचना ब्यूरो (PIB) की फैक्ट चेक इकाई ने भी इन खबरों को झूठा और निराधार बताया है।

मंत्रालय ने लोगों से अपील की है कि भिलाई इस्पात संयंत्र से जुड़ी प्रमाणित जानकारी के लिए उसके आधिकारिक सोशल मीडिया माध्यमों पर भरोसा करें।

छत्तीसगढ़ की पहचान है भिलाई इस्पात संयंत्र

भिलाई इस्पात संयंत्र छत्तीसगढ़ के प्रमुख औद्योगिक संस्थानों में शामिल है। यह स्टील अथॉरिटी ऑफ इंडिया लिमिटेड (SAIL) की महत्वपूर्ण इकाई है। संयंत्र ने प्रदेश के औद्योगिक विकास, रोजगार सृजन और सहायक उद्योगों को बढ़ावा देने में लंबे समय से भूमिका निभाई है।

इससे प्रत्यक्ष और अप्रत्यक्ष रूप से बड़ी संख्या में लोगों की आजीविका जुड़ी हुई है। ऐसे में संयंत्र को बेचे जाने संबंधी खबरों ने लोगों का ध्यान खींचा, लेकिन मंत्रालय के स्पष्टीकरण के बाद इन दावों को लेकर स्थिति स्पष्ट हुई है।

अफवाहों से बचें, खबर साझा करने से पहले करें पुष्टि

भिलाई इस्पात संयंत्र प्रबंधन ने भी कर्मचारियों, हितधारकों और छत्तीसगढ़ की जनता से अपील की है कि वे अपुष्ट सूचनाओं पर विश्वास न करें और उन्हें आगे प्रसारित करने से बचें।

सोशल मीडिया पर तेजी से फैलने वाली अप्रमाणित खबरें भ्रम की स्थिति पैदा कर सकती हैं। इसलिए किसी भी बड़े औद्योगिक संस्थान या सरकारी फैसले से जुड़ी सूचना साझा करने से पहले आधिकारिक स्रोतों से उसकी पुष्टि करना जरूरी है।

फिलहाल स्पष्ट संदेश यही है कि भिलाई स्टील प्लांट को बेचने की तैयारी संबंधी वायरल दावे को इस्पात मंत्रालय ने गलत बताया है।

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