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R.O. No. 13952/23
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 कोरबा।  छत्तीसगढ़ के कोरबा जिले के कटघोरा वन मंडल के वन परिक्षेत्र पसान क्षेत्र में हाथियों का उत्पात लगातार जारी है जंगलो के साथ अब हाथियों का दल रिहाइसी वाले जगह मे भी जाने लगा है हाथियों के इस तरह के विचरण से अब बच्चों की सुरक्षा के लिए भी चिंता का विषय बन गया है।बीती रात तेलियामार स्थित दीपक स्कूल (मिशन स्कूल) की बाउंड्री वॉल तोड़कर हाथियों ने परिसर में प्रवेश किया और जमकर तोड़फोड़ की। स्कूल परिसर के अंदर हॉस्टल भी संचालित है, जहां करीब 180 बच्चे रहते हैं। रात में हाथियों की मौजूदगी और तोड़फोड़ से हॉस्टल में रह रहे बच्चे सहमे रहे।

 

बाउंड्री तोड़कर स्कूल परिसर में घुसे हाथी

जानकारी के अनुसार, रात के समय हाथियों ने तेलियामार पसान स्थित दीपक स्कूल की बाउंड्री वॉल तोड़ दी और परिसर के अंदर घुस गए। हाथियों की इस घटना से स्कूल परिसर में नुकसान हुआ। सबसे बड़ी चिंता यह है कि इसी परिसर में हॉस्टल भी है, जहां लगभग 180 बच्चे रहते हैं।

 

 

रातभर दहशत में रहे हॉस्टल के बच्चे

हाथियों के स्कूल परिसर में घुसने की घटना ने हॉस्टल में रहने वाले बच्चों की सुरक्षा को लेकर गंभीर सवाल खड़े कर दिए हैं। रात के समय हुई इस घटना से बच्चे सहमे रहे। हाथियों की आवाजाही वाले क्षेत्र में स्थित शैक्षणिक संस्थानों और छात्रावासों की सुरक्षा के लिए पुख्ता इंतजाम होना बेहद जरूरी है।

 

 

वन अमले के सहयोग पर उठे सवाल

स्थानीय स्तर पर वन अमले से अपेक्षित सहयोग नहीं मिलने की शिकायत भी सामने आई है। ऐसे में सवाल उठता है कि हाथी प्रभावित क्षेत्र में स्थित स्कूल और हॉस्टल जैसे संवेदनशील स्थानों की सुरक्षा के लिए वन विभाग की क्या व्यवस्था है?

ग्रामीणों और स्कूल प्रबंधन की चिंता है कि यदि हाथी दोबारा परिसर में पहुंचते हैं, तो बच्चों की सुरक्षा को खतरा हो सकता है। ऐसी घटनाओं को रोकने के लिए वन विभाग को संवेदनशील स्थानों की पहचान कर निगरानी और सुरक्षा के प्रभावी इंतजाम करने की जरूरत है।

बच्चों की सुरक्षा सबसे बड़ा सवाल

पसान क्षेत्र में हाथियों की लगातार आवाजाही के बीच अब स्कूल और हॉस्टल भी प्रभावित होने लगे हैं। दीपक स्कूल की बाउंड्री वॉल टूटने की घटना ने यह चिंता बढ़ा दी है कि हाथियों से बचाव के लिए पर्याप्त व्यवस्था है या नहीं।

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