रायपुर – महतारी वंदन योजना में हर महीने औसत 10 हजार महिलाएं अपना खाता बदलवा रही हैं। इस वजह से उनकी एक महीने की राशि रूक जा रही है, अगले महीने दो किस्तें जा रही हैं। जब महिला बाल विकास विभाग ने इस मामले की पड़ताल की आखिर ऐसा हो क्यों रहा है तो जवाब मिला महतारी शक्ति ऋण योजना।
वैसे तो यह योजना छत्तीसगढ़ राज्य ग्रामीण बैंक ने 30 नवंबर 2024 को शुरू की थी, लेकिन अभी अचानक से महतारियां ग्रामीण बैंक में खाता खुलवाने लगी हैं। इस योजना में बिना किसी सामान को गिरवी रखे रोजगार के लिए 25 हजार रुपए तक का लोन दिया जा रहा है।
यह लोन इन्हें 48 महीने में खत्म करना होता है। अब तक 41,124 महिलाएं लोन ले चुकी हैं। बैंक ने 102 करोड़ रुपए कर्ज के तौर पर बांटे हैं। पिछले 8 महीने में एक लाख से अधिक खाते ग्रामीण बैंक में शिफ्ट हुए हैं। अब बैंक में महतारियों के 16 लाख से अधिक खाते हो गए हैं।
बता दें कि महतारी वंदन योजना का लाभ प्रदेश में करीब 67.50 लाख महिलाओं को मिल रहा है।
9 प्रतिशत ब्याज पर मिल रही राशि: ग्रामीण बैंक ने सभी महतारी वंदन की लाभार्थी को वेतनभोगी की तरह माना है। क्योंकि उनके खाते में हर महीने एक हजार रुपए आना तय है। इस योजना के तहत दिए जाने वाले लोन में बैंक 9 प्रतिशत ब्याज ले रही है।
इसे वे हर महीने किस्त के तौर पर दे सकती हैं या एक बार में भी पूरा पैसा जमा कर सकती है। जनवरी 2026 तक 37000 महिलाओं ने लोन लिया था, लेकिन 8 महीने में चार हजार से अधिक महिलाएं और लोन ले चुकी हैं। महतारी वंदन योजना के सबसे अधिक खाते ग्रामीण बैंक में होने की वजह से 2300 करोड़ रुपए बैंक में जमा हैं।
जानिए… बैंक बदलने की कहानी
धमतरी की रहने वाली पुष्पा कुमारी बताती हैं कि पहले एक प्राइवेट बैंक में खाता था। एक चाय की दुकान खोलना चाहती थीं। इसके लिए उन्होंने अपना खाता ग्रामीण बैंक में खुलवाया। वहां बिना कोई कागज जमा किए 25 हजार रुपए मिल गए।
अब दुकान की कमाई से कर्जा चुका दूंगी। इसी तरह की कहानी तिल्दा की मनोरमा देवी की है। उन्हें भी जब पड़ोसी से पता चला कि ग्रामीण बैंक में बिना कोई दस्तावेज के लोन मिल रहा है तो उन्होंने भी खाता बदलवा लिया।
महतारी वंदन की 32वीं किस्त
67.38 लाख महिलाओं के खातों में पहुंचे ₹632.40 करोड़
मुख्यमंत्री विष्णुदेव साय ने बुधवार को दुर्ग में महतारी वंदन योजना की 32वीं किस्त जारी की। इसके तहत प्रदेश की 67 लाख 38 हजार 217 पात्र महिलाओं के बैंक खातों में डीबीटी के माध्यम से 632 करोड़ 40 लाख 4 हजार 250 रुपए अंतरित किए गए। योजना के तहत अब तक 20708 करोड़ से अधिक की आर्थिक सहायता दी जा चुकी है।
