रायपुर – छत्तीसगढ़ में औद्योगिक गतिविधियों और माल परिवहन को बढ़ावा देने के लिए 100 एकड़ क्षेत्र में आधुनिक इंटीग्रेटेड लॉजिस्टिक्स पार्क विकसित करने की तैयारी है। सिंगापुर की कंपनी यूनिवर्सल सक्सेस (एस) पीटीई लिमिटेड ने इस परियोजना में करीब 700 करोड़ रुपये का निवेश करने में रुचि दिखाई है। मुख्यमंत्री विष्णु देव साय के सिंगापुर दौरे के दौरान कंपनी के चेयरमैन प्रसून मुखर्जी के साथ हुई बैठक में निवेश प्रस्ताव और परियोजना की संभावनाओं पर चर्चा हुई। प्रस्तावित पार्क से प्रदेश में सामान के भंडारण, परिवहन और सप्लाई चेन से जुड़ी सुविधाओं को एक ही स्थान पर विकसित करने में मदद मिलेगी।
परियोजना के आकार और प्रस्तावित निवेश को देखते हुए इसे छत्तीसगढ़ के लॉजिस्टिक्स सेक्टर के लिए अहम पहल माना जा रहा है। पार्क में आधुनिक वेयरहाउसिंग, कार्गो हैंडलिंग और कोल्ड-चेन जैसी सुविधाएं विकसित करने की योजना है। इससे कृषि उत्पादों, प्रोसेस्ड फूड और औद्योगिक सामान को सुरक्षित तरीके से स्टोर करने के साथ उन्हें दूसरे राज्यों और बड़े बाजारों तक पहुंचाने में आसानी हो सकती है। सरकार का फोकस ऐसे इंफ्रास्ट्रक्चर के जरिए प्रदेश में निवेश बढ़ाने, परिवहन व्यवस्था को बेहतर करने और स्थानीय स्तर पर रोजगार के अवसर तैयार करने पर है।
सिंगापुर मॉडल पर विकसित होगा लॉजिस्टिक्स पार्क
प्रस्तावित पार्क को आधुनिक तकनीक और सिंगापुर की लॉजिस्टिक्स व्यवस्था के अनुभव के आधार पर विकसित करने की योजना है। यहां अत्याधुनिक वेयरहाउसिंग हब के साथ मल्टी-मॉडल कार्गो टर्मिनल और कोल्ड-चेन नेटवर्क जैसी सुविधाएं प्रस्तावित हैं। इसका उद्देश्य अलग-अलग माध्यमों से आने वाले माल को बेहतर तरीके से संभालना और उसकी आवाजाही को तेज करना है।
किसानों और उद्योगों को मिल सकती है सीधी राहत
लॉजिस्टिक्स सुविधाएं मजबूत होने से कृषि उपज और खाद्य उत्पादों के भंडारण तथा परिवहन में मदद मिलने की उम्मीद है। बेहतर स्टोरेज और सप्लाई चेन से उत्पादों को बाजार तक पहुंचाने में होने वाली देरी और नुकसान को कम किया जा सकता है। वहीं उद्योगों को भी कच्चे माल और तैयार उत्पादों की आवाजाही के लिए बेहतर इंफ्रास्ट्रक्चर मिल सकेगा।
700 करोड़ के निवेश से रोजगार के अवसर
करीब 700 करोड़ रुपये के प्रस्तावित निवेश से लॉजिस्टिक्स और इससे जुड़े क्षेत्रों में आर्थिक गतिविधियां बढ़ने की संभावना है। पार्क के निर्माण और संचालन के दौरान प्रत्यक्ष और अप्रत्यक्ष रोजगार के अवसर पैदा हो सकते हैं। इसके साथ ही वेयरहाउसिंग, ट्रांसपोर्ट, पैकेजिंग, कोल्ड स्टोरेज और सप्लाई चेन से जुड़े स्थानीय कारोबार को भी फायदा मिलने की उम्मीद है।
