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  दिल्ली-  दिल्ली के जंतर-मंतर के पास शनिवार को AISA और लेफ्ट संगठनों ने मुख्य चुनाव आयुक्त ज्ञानेश कुमार के इस्तीफे को लेकर लगातार दूसरे दिन भी प्रदर्शन किया। इस दौरान पुलिस ने उन्हें रोकने के लिए बैरिकेडिंग की। करीब 150 प्रदर्शनकारियों को हिरासत में लिया गया।

पुलिस और प्रदर्शनकारियों में झड़प भी हुई। इससे पहले शुक्रवार को हुए प्रदर्शन के दौरान 1,000 से ज्यादा प्रदर्शनकारियों को हिरासत में लिया गया था।

वहीं, कल मुंबई में CJP ने भी SIR के विरोध में प्रदर्शन किया था। पार्टी के फाउंडर अभिजीत दीपके ने कहा कि अगर ज्ञानेश कुमार इस्तीफा नहीं देते हैं तो कॉकरोच जनता पार्टी 10 अक्टूबर से जंतर-मंतर पर प्रदर्शन करेगी।

 

नेहा बोरा ने किया था प्रदर्शन जारी रखने का ऐलान

शुक्रवार शाम नेहा बोरा ने वीडियो संदेश जारी किया था। उन्होंने कहा था कि प्रदर्शन जारी रहेगा और कार्यकर्ता जंतर-मंतर लौटें।

बोरा ने कहा था कि हिरासत में लिए जाने से प्रदर्शनकारी डरेंगे नहीं। उन्होंने ज्ञानेश कुमार के इस्तीफे की मांग के समर्थन में लगातार जुटने की अपील की थी।

प्रदर्शनकारी SIR प्रक्रिया का विरोध कर रहे हैं। उनका आरोप है कि वोटर लिस्ट में संशोधन के दौरान अनियमितताएं हुई हैं। प्रदर्शन में AISA, SFI, NSUI, AAP और अन्य राजनीतिक व छात्र संगठन शामिल थे।

SIR को लेकर चुनाव आयोग पर सवाल

यह प्रदर्शन इंडियन एक्सप्रेदस की रिपोर्ट के कुछ दिन बाद हो रहा है, जिसमें बताया गया था कि चुनाव आयुक्त सुखबीर सिंह संधू और विवेक जोशी ने पिछले 10 महीनों में SIR से जुड़े फैसलों और आदेशों पर रिकॉर्ड में कम से कम 14 बार आपत्ति जताई थी।

रिपोर्ट के मुताबिक, दोनों अधिकारियों ने कहा था कि ये फैसले और आदेश उनकी जानकारी या सिफारिश के बिना जारी किए गए।

SIR प्रक्रिया को लेकर दोनों चुनाव आयुक्तों की आपत्तियों के बाद चुनाव आयोग पर सवाल उठ रहे हैं। आयोग ने कहा है कि किसी भी संस्था में चर्चा के दौरान अलग-अलग राय और टिप्पणियां सामान्य बात हैं।

EC ने कहा कि उसके सभी आदेशों को पूरा कानूनी आधार हासिल है। आयोग के मुताबिक, ये आदेश तय कानूनी प्रक्रियाओं के तहत जारी किए गए हैं।

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R.O. No. 13952/23