डीसी अनूप के व्यवहार की पोल खुली, विभाग ने गंभीर आरोप पर निलंबित किया एक्का को

कोरबा 04 दिसम्बर। छत्तीसगढ़ होमगार्ड के कोरबा स्थित डिस्ट्रिक्ट कमांडेंट अनूप एक्का को गंभीर शिकायत के बाद सरकार ने निलंबित कर दिया है। लेकिन उनकी मुश्किल अभी काम नहीं हुई है। कर्मचारियों के आरोपों के बाद इसकी जांच के लिए निर्देश जारी किए गए हैं। डिवीजनल कमांडेंट नरसिंह नेताम और संभाग के अंतर्गत आने वाले विभिन्न जिलों के डिस्ट्रिक्ट कमांडेंट आज यहां पहुंचे। उन्हें इस मामले की जांच करना है। अधिकारी के प्रवास के दौरान स्थानीय प्रशासन के अधिकारी भी आज के सम्मेलन में उपस्थित रहे।

पिछले कुछ दिनों से कोरबा में होमगार्ड सैनिकों के द्वारा अपने अधिकारी यानी डिस्ट्रिक्ट कमांडेंट के द्वारा तरीके से परेशान करने की शिकायत की गई थी। उन्होंने कई प्रकार के आरोप लगाए थे। कोरबा में अपनी पदस्थापना के बाद से ही कमांडेंट की कार्य प्रणाली विवादों के घेरे में रही। सामान्य बात को लेकर कर्मचारियों को नोटिस देने से लेकर घरेलू काम करने और व्यक्तिगत मामले में भी गैर जरूरी पूछताछ करने से होमगार्ड परेशान रहे। 3 दिन पहले उनके द्वारा इसी मसले को लेकर होमगार्ड परिसर में प्रदर्शन किया गया।

इस दौरान एडिशनल कलेक्टर देवेंद्र पटेल और नगर पुलिस अधीक्षक भूषण एक्का के पहुंचने पर भी उन्होंने बस्तों को दोहराया। डिविजनल कमांडेंड नरसिंह नेताम के सामने जब कर्मचारियों का दर्द उभरा तो वे भी दंग रह गए कि आखिर ये सब हो क्या रहा है। ज्ञापन में उनके द्वारा इन सभी चीजों का उल्लेख किया गया और अधिकारियों को अवगत कराया। जिस पर मामले की गंभीरता को समझते हुए आनन फानन में डिस्ट्रिक्ट कमांडेंट को निलंबित कर दिया गया।

इस प्रकरण में विभाग के द्वारा जांच के आदेश दिए गए। इस कड़ी में छत्तीसगढ़ होमगार्ड के डिवीजनल कमांडेंट नरसिंह नेताम और डिवीजन के अंतर्गत आने वाले जिलों के डिस्ट्रिक्ट कमांडेंट भी यहां पहुचे। उनके यहां पहुंचने पर नाराज होमगार्ड से अपना गुस्सा दिखाया। मामले में प्रभावी कार्रवाई करने की मांग दोहराई। इसके साथ व्यवस्था पर सवाल उठाएं। खबर के अनुसार इस दौरान प्रकरण को लेकर सामूहिक पूछताछ भी हो सकती है।

जिला गठन के बाद ऐसा पहला मामला
पूर्ववर्ती मध्य प्रदेश के दौरान 25 मई 1998 को सरकार ने कोरबा को बिलासपुर से अलग करते हुए पृथक जिला गठित किया। 27 वर्षों की यात्रा में जिले ने तमाम उतार चढ़ाव देखे हैं। कोरबा जिले में छत्तीसगढ़ होमगार्ड की जिला यूनिट की स्थापना किए जाने के बाद अब तक का यह पहला मामला है जब अपने वरिष्ठ अधिकारी के खिलाफ सैनिकों को मोर्चा खोलना पड़ा। इसमें भी बड़ी बात यह है कि अधिकारी ने अपने पद की गरिमा के विरुद्ध जाकर गैर जरूरी तरीके से महिला कर्मचारी से बेहद निजी मसलों पर ना केवल सवाल किया बल्कि यह भी कहा कि आपकी समस्याएं आपके लिए है मैं क्या करूं।

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