March 7, 2026

कोरबा में बिना लाइसेंस खुलने जा रहा 100 बेड का “शिवाय हॉस्पिटल” ? उद्घाटन से पहले उठे गंभीर सवाल… 7 मार्च को स्वास्थ्य मंत्री के आने का दावा, लेकिन नर्सिंग होम एक्ट के तहत अब तक नहीं मिला लाइसेंस

IMG-20260228-WA0013-860x645

कोरबा। ऊर्जा नगरी कोरबा में 100 बेड के अत्याधुनिक “शिवाय हॉस्पिटल” के भव्य शुभारंभ की तैयारियां जोरों पर हैं। अस्पताल प्रबंधन ने 7 मार्च 2026, शनिवार को इसके उद्घाटन का दावा किया है और इस कार्यक्रम में राज्य के स्वास्थ्य मंत्री श्याम बिहारी जायसवाल के शामिल होने की भी बात कही जा रही है। लेकिन उद्घाटन से ठीक पहले इस पूरे मामले में एक बड़ा सवाल खड़ा हो गया है—क्या यह अस्पताल बिना वैध लाइसेंस के ही संचालन शुरू करने जा रहा है?

दरअसल स्वास्थ्य विभाग के नियमों के अनुसार किसी भी निजी अस्पताल, नर्सिंग होम या क्लीनिक का संचालन नर्सिंग होम एक्ट के तहत विधिवत लाइसेंस मिलने के बाद ही किया जा सकता है। बिना लाइसेंस के अस्पताल संचालन करना नियमों का सीधा उल्लंघन माना जाता है। लेकिन उपलब्ध जानकारी के अनुसार “शिवाय हॉस्पिटल” को अभी तक इस अधिनियम के तहत लाइसेंस प्राप्त नहीं हुआ है।

2 मार्च को किया गया आवेदन

सूत्रों के अनुसार अस्पताल प्रबंधन की ओर से 2 मार्च 2026 को मुख्य चिकित्सा एवं स्वास्थ्य अधिकारी (CMHO) कार्यालय में नर्सिंग होम एक्ट के तहत लाइसेंस प्राप्त करने के लिए आवेदन दिया गया है। आवेदन के साथ आवश्यक दस्तावेज और औपचारिकताएं पूरी करने का दावा किया गया है।

लेकिन स्वास्थ्य विभाग की प्रक्रिया के अनुसार केवल आवेदन देने से अस्पताल को संचालन की अनुमति नहीं मिल जाती। इसके बाद कई महत्वपूर्ण चरण पूरे करना आवश्यक होता है।

अब तक नहीं हुआ निरीक्षण

नियमों के मुताबिक लाइसेंस जारी होने से पहले स्वास्थ्य विभाग की टीम अस्पताल का निरीक्षण करती है। इस निरीक्षण में भवन की संरचना, सुरक्षा व्यवस्था, चिकित्सा उपकरण, स्टाफ की योग्यता, आपातकालीन सुविधाएं, स्वच्छता व्यवस्था और मरीजों की सुरक्षा से जुड़े कई पहलुओं की जांच की जाती है।

जानकारी के अनुसार अब तक स्वास्थ्य विभाग की टीम द्वारा “शिवाय हॉस्पिटल” का निरीक्षण भी नहीं किया गया है। निरीक्षण के बाद नोडल अधिकारी अपनी विस्तृत रिपोर्ट तैयार करते हैं और उसे जिला स्वास्थ्य समिति की बैठक में प्रस्तुत किया जाता है। समिति से अनुमोदन मिलने के बाद ही लाइसेंस जारी किया जाता है।

ऐसे में सबसे बड़ा सवाल यही उठ रहा है कि जब अभी निरीक्षण ही नहीं हुआ और न ही जिला स्वास्थ्य समिति की बैठक में मामला रखा गया है, तो आखिर 7 मार्च को अस्पताल का उद्घाटन और संचालन किस आधार पर किया जा रहा है?

उद्घाटन कार्यक्रम को लेकर चर्चा

अस्पताल प्रबंधन की ओर से आयोजित प्रेस वार्ता में बताया गया था कि “शिवाय हॉस्पिटल” 100 बेड की आधुनिक स्वास्थ्य सुविधा के रूप में क्षेत्रवासियों को समर्पित किया जा रहा है। इसमें न्यूरो सर्जरी, शिशु रोग, स्त्री एवं प्रसूति रोग, हड्डी रोग, जनरल सर्जरी, फिजियोथेरेपी और रेडियोलॉजी सहित कई विभाग संचालित किए जाने की बात कही गई है।

इसके अलावा 20 बेड का नवजात शिशु आईसीयू (NICU), 20 बेड का वयस्क आईसीयू, चार मॉड्यूलर ऑपरेशन थिएटर, डायलिसिस यूनिट, सीटी स्कैन, सोनोग्राफी, डिजिटल एक्स-रे, सी-आर्म मशीन और फिजियोथेरेपी के आधुनिक उपकरण उपलब्ध होने का दावा भी किया गया है।

लेकिन स्वास्थ्य सेवाओं से जुड़े जानकारों का कहना है कि चाहे अस्पताल कितना भी अत्याधुनिक क्यों न हो, यदि उसके पास वैध लाइसेंस नहीं है तो उसका संचालन नियमों के खिलाफ माना जाएगा।

स्वास्थ्य विभाग की प्रक्रिया स्पष्ट

स्वास्थ्य विभाग के अधिकारियों के अनुसार किसी भी निजी अस्पताल को लाइसेंस देने से पहले यह सुनिश्चित किया जाता है कि वहां मरीजों की सुरक्षा से जुड़े सभी मानक पूरे हों। कई बार निरीक्षण के दौरान कमियां मिलने पर सुधार के निर्देश दिए जाते हैं और उसके बाद ही अनुमति दी जाती है।

ऐसे में यदि बिना निरीक्षण और अनुमोदन के अस्पताल संचालन शुरू कर दिया जाता है, तो यह गंभीर प्रशासनिक प्रश्न खड़ा करता है।

मंत्री के आने का दावा

अस्पताल प्रबंधन की ओर से यह भी दावा किया जा रहा है कि उद्घाटन कार्यक्रम में प्रदेश के स्वास्थ्य मंत्री श्याम बिहारी जायसवाल शामिल हो सकते हैं। हालांकि इस संबंध में अभी तक आधिकारिक पुष्टि सामने नहीं आई है।

स्थानीय स्तर पर यह भी चर्चा है कि यदि वास्तव में मंत्री के कार्यक्रम का आयोजन किया जा रहा है, तो क्या स्वास्थ्य विभाग की औपचारिकताएं पूरी होने से पहले ही अस्पताल का उद्घाटन किया जाएगा?

प्रबंधन से पक्ष जानने की कोशिश

इस पूरे मामले में अस्पताल प्रबंधन का पक्ष जानने के लिए “शिवाय हॉस्पिटल” के डायरेक्टर डॉ. दैविक एच. मित्तल से संपर्क करने का प्रयास किया गया। उनके मोबाइल नंबर 7720951111 पर कॉल किया गया, लेकिन कॉल रिसीव नहीं हुआ।

इसके बाद उन्हें व्हाट्सएप और एसएमएस के माध्यम से भी संदेश भेजकर प्रतिक्रिया मांगी गई है। समाचार लिखे जाने तक उनकी ओर से कोई जवाब प्राप्त नहीं हुआ है।

पक्ष आने पर किया जाएगा प्रकाशित

यदि अस्पताल प्रबंधन या स्वास्थ्य विभाग की ओर से इस संबंध में कोई आधिकारिक प्रतिक्रिया प्राप्त होती है, तो उसे भी प्रमुखता से प्रकाशित किया जाएगा।

फिलहाल उद्घाटन से ठीक पहले लाइसेंस को लेकर उठे सवालों ने पूरे मामले को चर्चा का विषय बना दिया है। अब देखने वाली बात यह होगी कि क्या स्वास्थ्य विभाग की सभी प्रक्रियाएं पूरी होने से पहले ही अस्पताल का संचालन शुरू हो जाएगा, या फिर नियमों के अनुसार पहले लाइसेंस जारी किया जाएगा।

FB_IMG_1770226758185
Markandey Mishra

About The Author

Spread the word