रायपुर। छत्तीसगढ़ में अब सिर्फ कच्चे संसाधनों के उत्पादन तक सीमित रहने के बजाय तैयार उत्पादों की मैन्युफैक्चरिंग को भी बढ़ावा देने की तैयारी है। नवा रायपुर में यश फैन्स एंड एप्लायंसेस लिमिटेड की नई औद्योगिक इकाई का भूमिपूजन मुख्यमंत्री विष्णु देव साय की उपस्थिति में हुआ। 152.74 करोड़ रुपये के निवेश से बनने वाली इस इकाई से 3500 लोगों को प्रत्यक्ष रोजगार मिलने की उम्मीद है। खास बात यह है कि यहां इलेक्ट्रिक पंखे और किचन अप्लायंसेस जैसे घरेलू उपयोग के उत्पादों का निर्माण होगा।
इस परियोजना के साथ नवा रायपुर में औद्योगिक गतिविधियों को विस्तार मिलने की संभावना है। कंपनी की नई इकाई छत्तीसगढ़ की पहली कंज्यूमर इलेक्ट्रॉनिक्स मैन्युफैक्चरिंग इकाई होगी। इससे राज्य में तैयार उत्पाद बनाने की नई औद्योगिक गतिविधि विकसित होगी और स्थानीय युवाओं के लिए रोजगार के अवसर खुल सकते हैं।
घर-घर इस्तेमाल होने वाले उत्पाद अब छत्तीसगढ़ में बनेंगे
पंखे, मिक्सर और किचन में इस्तेमाल होने वाले उपकरण रोजमर्रा की जिंदगी का हिस्सा हैं। ऐसे उत्पादों की मैन्युफैक्चरिंग में केवल अंतिम असेंबली ही नहीं, बल्कि कल-पुर्जों की आपूर्ति, धातु की प्रोसेसिंग, मोटर और दूसरे घटकों का इस्तेमाल, गुणवत्ता जांच, पैकेजिंग और परिवहन जैसी गतिविधियां भी जुड़ी होती हैं।
यश फैन्स क्रॉम्पटन, हैवेल्स, उषा और मिल्टन जैसे प्रतिष्ठित ब्रांड्स के लिए इलेक्ट्रिक पंखे और किचन अप्लायंसेस बनाती है। प्रस्तावित इकाई शुरू होने के बाद इन ब्रांड्स के लिए भी छत्तीसगढ़ में उत्पादन का रास्ता खुलेगा। हालांकि, फैक्ट्री में बनने वाले उत्पादों की पूरी सूची और उत्पादन शुरू होने की तारीख का विस्तृत ब्योरा अभी सामने नहीं आया है।
3500 रोजगार का लक्ष्य, स्थानीय कारोबार को भी उम्मीद
मुख्यमंत्री विष्णु देव साय ने कहा कि सरकार की प्राथमिकता है कि छत्तीसगढ़ के युवाओं को अपने ही प्रदेश में रोजगार के अधिक अवसर मिलें। नई औद्योगिक विकास नीति 2024-30 में रोजगार देने की अधिक क्षमता वाले उद्योगों को विशेष प्रोत्साहन दिया जा रहा है।
इस इकाई से सीधे रोजगार के अलावा स्थानीय स्तर पर सहायक कारोबारों को भी अवसर मिल सकते हैं। फैक्ट्री को कल-पुर्जे और पैकेजिंग सामग्री उपलब्ध कराने वाले कारोबारियों, परिवहन सेवाओं, माल ढुलाई और अन्य आपूर्तिकर्ताओं के लिए मांग पैदा हो सकती है। इससे नवा रायपुर और आसपास के क्षेत्र में आर्थिक गतिविधियों को गति मिलने की संभावना है।
भूमिपूजन कार्यक्रम के दौरान मुख्यमंत्री ने नवचयनित युवाओं को नियुक्ति पत्र भी प्रदान किए। इस तरह कार्यक्रम में औद्योगिक निवेश के साथ रोजगार से जुड़ी पहल भी सामने आई।
स्टील और एल्युमिनियम का प्रदेश में ही होगा इस्तेमाल
छत्तीसगढ़ की पहचान लंबे समय से स्टील, कोयले और बिजली के उत्पादन से जुड़ी रही है। इस परियोजना की अहम विशेषता यह है कि प्रदेश में उपलब्ध स्टील और एल्युमिनियम जैसे संसाधनों का इस्तेमाल तैयार उपभोक्ता उत्पादों के निर्माण में किया जा सकेगा। इससे राज्य के भीतर वैल्यू एडिशन को बढ़ावा मिलने का अवसर बनेगा।
मुख्यमंत्री विष्णु देव साय ने कहा कि सरकार का लक्ष्य प्रदेश के संसाधनों का उपयोग कर तैयार उत्पादों के निर्माण को प्रोत्साहित करना है। प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी के ‘मेक इन इंडिया’ के संकल्प के अनुरूप ‘मेड इन छत्तीसगढ़’ उत्पादों को देशभर के घरों तक पहुंचाने की दिशा में राज्य आगे बढ़ रहा है।
हैदराबाद और हिमाचल के बाद छत्तीसगढ़ में कंपनी का विस्तार
यश फैन्स के चेयरमैन रितेश नरेडी ने छत्तीसगढ़ में कच्चे माल की उपलब्धता, देश के मध्य में राज्य की भौगोलिक स्थिति, मानव संसाधन और सरकार के सहयोग को विनिर्माण विस्तार के लिए अनुकूल बताया। हैदराबाद स्थित कंपनी वर्तमान में हैदराबाद और हिमाचल प्रदेश में 12 विनिर्माण इकाइयां संचालित कर रही है। नवा रायपुर की प्रस्तावित इकाई छत्तीसगढ़ में कंपनी की पहली इकाई होगी।
मुख्यमंत्री ने कंपनी प्रबंधन को राज्य सरकार की ओर से हरसंभव सहयोग का भरोसा दिलाया। उन्होंने कहा कि परियोजना को समयबद्ध तरीके से आगे बढ़ाकर जल्द उत्पादन शुरू कराने का प्रयास किया जाएगा, ताकि प्रदेश के युवाओं को रोजगार का लाभ मिल सके।
कार्यक्रम में उद्योग मंत्री लखन लाल देवांगन, आवास एवं पर्यावरण मंत्री ओ.पी. चौधरी, छत्तीसगढ़ राज्य औद्योगिक विकास निगम के अध्यक्ष राजीव अग्रवाल और कंपनी के वरिष्ठ अधिकारी उपस्थित रहे।
अब निगाहें इस बात पर रहेंगी कि फैक्ट्री का निर्माण कब पूरा होता है और 3500 प्रत्यक्ष रोजगार का लक्ष्य किस समयसीमा में पूरा किया जाता है। यदि परियोजना घोषित योजना के अनुरूप आगे बढ़ती है, तो नवा रायपुर में घरेलू उपकरणों की मैन्युफैक्चरिंग छत्तीसगढ़ के औद्योगिक विकास में एक नया अध्याय जोड़ सकती है।
