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focus on hammer, group of files on judge table covered with dust - concept of pending old cases or work at judicial court.

R.O. No. 13952/23
R.O. No. 13952/23

  बिलासपुर –  छत्तीसगढ़ हाईकोर्ट के चीफ जस्टिस कृष्णराम महापात्र और जस्टिस संतोष शर्मा की डिवीजन बेंच ने सड़कों की बदहाली और निर्माण कार्यों में देरी पर एक बार फिर नाराजगी जताई है। डिवीजन बेंच ने राज्य सरकार, NHAI और बिलासपुर नगर निगम की कार्यप्रणाली पर सवाल उठाए हैं।

कोर्ट ने कहा कि सड़क बनाना और उनका रखरखाव करना संबंधित विभागों की जिम्मेदारी है, कोर्ट की नहीं। इसके बावजूद विभाग अपने स्तर पर कार्रवाई करने के बजाय कोर्ट के आदेश का इंतजार करते हैं। यह कार्यप्रणाली उचित नहीं है। मामले में अगली सुनवाई नवंबर में दिवाली के बाद होगी।

बिलासपुर समेत प्रदेश की बदहाल सड़कों को लेकर हाईकोर्ट में दायर जनहित याचिकाओं पर लगातार सुनवाई हो रही है। पिछली सुनवाई के दौरान कोर्ट ने बिलासपुर निगम क्षेत्र की सड़कों की स्थिति, सेंदरी-मोपका बायपास को NHAI को सौंपने में देरी और बिलासपुर-रायपुर सड़क परियोजना की प्रगति पर सवाल उठाए थे।

रायपुर के विधानसभा रोड भी बदहाल

 

रायपुर जाते समय चीफ जस्टिस ने एयरपोर्ट जाने वाले मार्ग पर धनेली से विधानसभा रोड की बदहाली पर भी एक्शन लिया। डिवीजन बेंच ने मुख्य सचिव को 8 अप्रैल 2025 के कोर्ट के आदेश के पालन की जानकारी पेश करने को कहा है। कोर्ट ने स्पष्ट किया कि आदेश पर हुई कार्रवाई की स्थिति बतानी होगी।

5 साल से सुनवाई, सड़कों की हालत में सुधार नहीं

हाईकोर्ट ने पिछली सुनवाई में कहा था कि प्रदेश की सड़कों की स्थिति को लेकर साल 2021 से जनहित याचिका लंबित है। इसके साथ दो अन्य याचिकाओं पर भी सुनवाई हो रही है। 7 अक्टूबर 2026 को कोर्ट ने कहा था कि इतने साल बीतने के बाद भी प्रदेश की सड़कों की स्थिति में खास सुधार नहीं हुआ है। बिलासपुर नगर निगम क्षेत्र की स्थिति विशेष रूप से चिंताजनक है।

पिछली सुनवाई में नगर निगम की ओर से कोई अधिवक्ता उपस्थित नहीं हुआ था। इस पर कोर्ट ने नाराजगी जताते हुए निगम आयुक्त को अगली सुनवाई में खुद उपस्थित होने या निगम की ओर से प्रतिनिधित्व सुनिश्चित करने का निर्देश दिया था। बुधवार को निगम के अधिवक्ता उपस्थित हुए और मरम्मत कार्यों की रिपोर्ट पेश की।

NHAI ने कहा-आज ही मिले बायपास हैंडओवर के दस्तावेज

सेंदरी-मोपका बायपास को लेकर NHAI ने पहले बताया था कि इसका संचालन और रखरखाव लोक निर्माण विभाग (PWD) के बिलासपुर संभाग क्रमांक-1 के पास है। वहीं, PWD ने बायपास को हैंडओवर करने की जानकारी दी थी। बुधवार को NHAI ने कोर्ट को बताया कि PWD ने बायपास हैंडओवर करने से जुड़े दस्तावेज उसी दिन सौंपे हैं।

31 अक्टूबर तक भरेंगे बिलासपुर-रायपुर सड़क के गड्ढे

NHAI ने हाईकोर्ट को बताया कि बिलासपुर-रायपुर सड़क के गड्ढे 31 अक्टूबर तक भर दिए जाएंगे। वहीं, बड़े निर्माण कार्य दिसंबर तक पूरे होंगे। नगर निगम ने बताया कि शहर में गड्ढे भरने का काम जारी है और अब डामरीकरण शुरू किया जाएगा।

मुख्यमंत्री नगरोत्थान योजना के तहत स्वीकृत नई सड़कों का काम भी शुरू होगा। डामर की कीमतें बढ़ने से काम प्रभावित होने की जानकारी पर राज्य सरकार ने दो-तीन दिन में निर्णय लेने की बात कही।

नगर निगम ने हाईकोर्ट में पेश की 78 पेज की रिपोर्ट

बिलासपुर नगर निगम ने शहर की खराब सड़कों की मरम्मत के लिए अलग-अलग जोन में पेचवर्क कराने का दावा किया है। बुधवार को हाईकोर्ट में पेश रिपोर्ट में मंगला चौक से आजाद चौक पहुंच मार्ग, कांतिपारा, एसईसीएल मुख्य मार्ग, शनिचरी बाजार, व्यापार विहार, यदुनंदन नगर और सिरगिट्टी समेत कई क्षेत्रों में मरम्मत की जानकारी दी गई।

रिपोर्ट में काम से पहले और बाद की तस्वीरें भी शामिल हैं। 78 पेज की इस रिपोर्ट में निगम ने शहर के मुख्य मार्गों और कॉलोनियों की सड़कों की मरम्मत कराने का दावा किया है।

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