टिकट नहीं मिला तो भाजपा प्रत्याशियों का बायकाट करेगा पटेल मरार समाज

न्यूज एक्शन। कटघोरा विधानसभा क्षेत्र में पटेल मरार समाज ने भाजपा के लिए खतरे की घंटी बजा दी है। अब तक के चुनाव में समाज से प्रत्याशी नहीं चुने जाने से आक्रोश पनप उठा है। इस बार समाज के किसी व्यक्ति को प्रतिनिधित्व नहीं दिए जाने पर बगावत का राग छेड़ दिया गया है। भाजपा से टिकट नहीं दिए जाने पर पटेल मरार समाज ने निर्दलीय चुनाव लडऩे की घोषणा कर दी है।
पटेल मरार समाज की जिला स्तरीय बैठक हरदीबाजार स्थित पटेल धर्मशाला में आयोजित की गई। जिसमें समाज के पदाधिकारियों ने निर्णय लिया है कि आगामी विधानसभा चुनाव में कटघोरा विधानसभा से पटेल मरार समाज से प्रत्याशी उतारा जाएगा। यदि भाजपा मरार समाज के किसी प्रतिनिधि को टिकट नहीं देती है तो समाज अपने बलबूते पर निर्दलीय चुनाव लड़ेगा। बैठक में इस मुद्दे पर भी चर्चा हुई कि मुख्यमंत्री ने कटघोरा विधानसभा क्षेत्र से पटेल मरार समाज को टिकट देने का वादा किया था। बैठक में यह भी निर्णय लिया गया कि कटघोरा सीट ही नहीं अन्य तीनों विधानसभा क्षेत्र पाली तानाखार, कोरबा व रामपुर में पटेल मरार समाज द्वारा भाजपा प्रत्याशी को वोट नहीं दिया जाएगा। पटेल मरार समाज द्वारा पूरे जिले के चारों सीटों में भाजपा का बहिष्कार कर दिया जाएगा। बैठक में मरार समाज जिला अध्यक्ष आत्मा नारायण पटेल, उपाध्यक्ष फीरूराम पटेल, कोषाध्यक्ष मनहरण पटेल, सचिव नंदलाल पटेल, सह सचिव रवि पटेल, संरक्षक मकूत राम, धरमूराम पटेल, लतेल राम पटेल, बजरंग पटेल, रामफल पटेल, लक्ष्मण पटेल, ग्राम अध्यक्ष ईश्वर पटेल, बसंत पटेल, संतोष पटेल, गजेराम पटेल, गंगापटेल, हरनारायण पटेल, रंभा पटेल एवं पटेल समाज के समस्त पदाधिकारी मौजूद थे।

भाजपा के लिए बढ़ी मुश्किल
पिछले विधानसभा चुनाव में सात बार से विधायक रहे कांग्रेस प्रत्याशी बोधराम कंवर को हराकर भाजपा प्रत्याशी लखन लाल देवांगन ने अप्रत्याशित जीत हासिल की थी। उन्हें छ.ग. शासन ने संसदीय सचिव का भी पद दिया है। चारों विधानसभा सीटों में से केवल लखन लाल देवांगन के बूते कटघोरा में कमल खिल पाया था। ऐसी स्थिति में इस बार भी लखन लाल देवांगन पर भाजपा भरोसा जता सकती थी, लेकिन पटेल मरार समाज ने भाजपा की मुश्किलें बढ़ा दी हैं। अगर कटघोरा सीट पर समाज के प्रतिनिधि को प्रतिनिधित्व का मौका नहीं मिला तो भाजपा प्रत्याशियों के खिलाफ बहिष्कार की नौबत आ जाएगी। ऐसे में पार्टी के बीच दुविधा है कि क्या पटेल मरार समाज को मनाने वह लखन की टिकट काटेगा?

समाज का है बड़ा वोट बैंक
कटघोरा विधानसभा क्षेत्र में पटेल मरार समाज की काफी जनसंख्या है। वोटों के लिहाज से यह हार जीत का फैसला तय करने में महत्वपूर्ण साबित होती रही है। अगर पटेल मरार समाज ने भाजपा के खिलाफ मोर्चा खोल दिया तो इसका सबसे घातक परिणाम कटघोरा विधानसभा क्षेत्र में पार्टी को उठाना पड़ेगा। इसके अलावा अन्य विधानसभा सीटों पर भी भाजपा प्रत्याशियों का बहिष्कार किए जाने से पार्टी को नुकसान उठाना पड़ सकता है।

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