जल स्त्रोत को बचाने के लिए ग्रामीणों ने किया अनुष्ठान

कोरबा 29 मई। कोरकोमा गांव के लोगों ने यहां के एक प्राकृतिक जल स्त्रोत को संरक्षित करने के उद्देश्य से अनुष्ठान किया। इसमें कई प्रकार के विधान की पूर्ति की गई। श्रद्धा के साथ ग्रामीणों की उपस्थिति कार्यक्रम में रही।

ग्रामीण अनिल सोनी ने बताया कि मुख्य बस्ती के पास एक सैकड़ों वर्ष पुराने पेड़ की जड़ से जल की धारा निरंतर निकल रही है। यहां तक कि भरी गर्मी में भी इस पर कोई असर नहीं होता है। इस पानी से आसपास के अनेक किसानों के खेतों की जरूरत लंबे समय से पूरी हो रही है। इसके अलावा दूसरे कार्यों में भी उपयोगिता तय हो रही है। अज्ञात कारणों से इस वर्ष लगभग एक महीने से पानी की धार में गिरावट महसूस की गई। लोग इस पर चिंतित हुए। आगामी खतरों को ध्यान में रखने के साथ चिंता जताई गई कि अगर ऐसा हुआ तो खेती-बाड़ी के लिए मिलने वाले पानी का विकल्प हासिए पर जा सकता है। लोगों ने तय किया कि क्यों न गांव के ठाकुर देव को प्रसन्न करने के लिए अनुष्ठान किया जाए। योजना पर काम करते हुए रविवार को दोपहर बाद यह कार्यक्रम किया गया। काफी संख्या में लोग इसमें शामिल हुए। इस दौरान बताया गया कि प्राकृतिक स्त्रोत से निकलने वाले पानी की गुणवत्ता पर बाहर के लोगों ने हैरानी जताई है। कुछ वर्ष पहले यहां के सैंपल दिल्ली तक जा चुके हैं।

Spread the word

You may have missed