Korba. जमात-ए-इस्लामी हिंद छत्तीसगढ़ ने मुस्लिम समाज से ईद में नए कपड़े-ज्वेलरी नहीं खरीदने की अपील की है। इसके बदले भूखों व जरूरतमंद की मदद करने की बात कही है। कोरोना वायरस के कारण देश संकट के दौर से गुजर रहा है। मुस्लिम समाज के लोगों से इस साल ईद पर नए कपड़े, जूते, चप्पल आदि नहीं खरीदने का आह्वान जमात-ए-इस्लामी हिन्द ने किया है, बल्कि उस पैसे से देश के जरूरतमंद लोगों तक खाद्य सामग्री एवं जरूरी वस्तुओं से मदद करने की अपील की है। जमात-ए-इस्लामी हिंद ( मुल्की व मिल्ली मसाएल ) के प्रदेश उपसचिव मोहम्मद वाहिद सिद्दीकी ने प्रेस विज्ञप्ति जारी कर मुस्लिम समाज से अनुरोध किया है कि ईद में नया कपड़ा लेना अनिवार्य नहीं है, अपनी खुशी की बजाय दूसरों की खुशी पर ध्यान देना चाहिए। वैसे भी इस्लाम की शिक्षा यही बताती है। हजरत मोहम्मद सल्ला वसल्लम ने फरमाया है कि इंसानों तुम जमीन वालों पर रहम (दया) करो आसमान वाला तुम पर रहम (दया) करेगा। फिलहाल हमारे देश में मजदूर, किसान, डॉक्टर, सफाई कर्मी, पुलिस इत्यादि सभी लोग कोरोना की लड़ाई लड़ रहे हैं, ऐसे हालात में हमारा कर्तव्य है कि हम देशवासियों व सरकार का पूरा सहयोग करें।
