अहिरन नदी को दूषित करने पर एक लाख का जुर्माना

कोरबा 09 फ रवरी। मीडिया में खबर वायरल होने के बाद पहले तो राखड पानी को अहिरन नदी में जाने से रोका गया। इसके बाद कोरबा जिले में विद्युत विभाग के अफसरों की लापरवाही के कारण राखड को पानी के अहिरन नदी में बहाकर नियमों को ठेंगा दिखाया जा रहा था। हरकत में आये पर्यावरण विभाग ने उत्पादन कंपनी को करारा झटका देते हुए एचटीपीएस संयंत्र को लगभग 1 लाख रुपए का जुर्माना लगाया है। इस कार्रवाई से उद्योगों में हड़कंप मच गया है।

कोरबा जिले में स्थित एचटीपीएस की डंगनिया खार राखड़ डेम से लगातार राखड मिश्रित पानी जीवन दायिनी अहिरन नदी में चोरी.छिपे बहाकर नदी के स्वच्छ जल को दूषित किया जा रहा था। इस खबर को मीडिया में प्रमुखता से प्रसारित कर वायरल किया गया इसके बाद हरकत में आये क्षेत्रीय प्रदूषण नियंत्रण मंडल, कोरबा ने निरीक्षण कर कार्यवाई करते हुए एक लाख रुपये का जुर्माना संयंत्र पर लगाया है।

दर्री क्षेत्र में विद्युत मंडल का 840.500 मेगावाट क्षमता वाला विद्युत संयंत्र संचालित है। संयंत्र के अफसरों द्वारा पर्यावरणीय नियमो की धज्जियां उड़ाई जा रही थी। संयंत्र से निकलने वाले राख को पानी के जरिए अहिरन नदी में छोड़ा जा रहा था। क्षेत्रीय प्रदूषण मंडल के अफसरों की टीम ने मौके पर पहुंच कर निरीक्षण किया और भारी लापरवाही सामने आने के बाद मामले की गंभीरता को देखते हुए हसदेव ताप विद्युत उत्पादन कंपनी को नोटिस जारी करने के साथ ही करीब एक लाख रुपए का जुर्माना लगाया गया। इस कार्रवाई से जिले के अन्य उद्योगों में भी हड़कंप मच गया है।

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